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Brief news summary
Noneकृत्रिम बुद्धिमता (AI) हमारे जीवन के विभिन्न पहलुओं, समेत कानूनी प्रणाली पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालती है। AI का उपयोग गहरा ज्ञान तकनीकी दृष्टि से अश्लीलता भरी छवियों को बनाने, संगीत उत्पन्न करने, ड्राइवरलेस रेस कारों का विकसित करने और भ्रामक सूचना फैलाने में किया जाता है। इसने यह भी बढ़ाया है कि कानूनी विवादों में उपयोग होने वाले झूठे कानूनों का उदय हो रहा है। यह विश्वव्यापी कानूनी प्रणाली में कानूनादिकों के सम्प्रदाय में कानूनीता, नैतिकता और विश्वास के संबंध में चिंताओं को उठा रहा है। स्रष्टात्मक AI, परिवर्तनात्मक संभावना के साथ एक शक्तिशाली उपकरण है, बड़े डेटासेट पर प्रशिक्षित होता है और नई सामग्री बना सकता है। हालांकि, इस सामग्री में AI मॉडल "हालुसिनेट" करने या अपने प्रशिक्षण डेटा में रिक्त स्थानों को भरने की वजह से अच्छाई की कमी हो सकती है। जब AI द्वारा उत्पन्न अच्छाई की कमी वाली सामग्री को कानूनी प्रक्रियाओं में उपयोग किया जाता है, तो यह समस्यात्मक हो जाता है, विशेष रूप से जब यह वक्त की दबाव के साथ वकीलों और कानूनी सेवाओं तक की पहुंच पर प्रतिबंधित होता है। कानूनी शोध और दस्तावेज़ की तत्परता से गड़बड़ी करने से न्याय के प्रशासन पर जनमेहनत को कमजोरी हो सकती है और कानूनिक पेशेवरता के लिए प्रतिष्ठा समस्याओं को उत्पन्न कर सकती है। AI द्वारा उत्पन्न झूठे मामलों के उदाहरण पहले से ही हो चुके हैं, जिनसे तबादले, नियमों का उल्लंघन, जुर्माना और सार्वजनिक परीक्षा होती है। दुनिया भर के कानूनी नियामक और अदालतें निजिकार दिया हैं उत्सर्जनात्मक AI के उचित उपयोग पर निर्देश, मत और आदेश जारी करके। ऑस्ट्रेलिया में, नियमित तकनीकी योग्यता आवश्यकताओं के माध्यम से नैतिक उपयोग को विकसित करने और प्रोत्साहित करने के लिए दिशानिर्देश बनाने के प्रयास किए गए हैं। वकीलों द्वारा सृजनात्मक AI के नैतिक उपयोग के लिए स्पष्ट आवश्यकताएं और मार्गदर्शन, कानूनिक पेशेवरता और न्याय प्रशासन में जनसंचार को बढ़ावा देने की प्रतीक्षा करती हैं। [मूल स्रोत: The Conversation]
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